पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान, शिवराज सिंह चौहान ने रखी नई पहल
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Environment Protection
‘वृक्ष मित्र परिवार’ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल।
हर व्यक्ति एक पेड़ लगाए और पांच नए लोगों को अभियान से जोड़ने का आह्वान।
Delhi / नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित “पर्यावरण संरक्षण संकल्प कार्यक्रम और वृक्ष मित्र संवाद” में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। देशभर से जुड़े लगभग 17 हजार वृक्ष मित्रों की मौजूदगी में उन्होंने पेड़, पानी, मिट्टी, ऊर्जा संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जीवन को लेकर व्यापक जनभागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में पद्म भूषण पर्यावरणविद् अनिल जोशी, समाजसेवी एवं चिकित्सक डॉ. अनूप हजेला, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।
अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पर्यावरण संकट अब केवल प्रकृति का मुद्दा नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ी चुनौती बन चुका है। बढ़ता तापमान, प्रदूषित हवा, जल संकट और जैव विविधता में लगातार हो रही कमी आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि आज ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य की परिस्थितियां और अधिक चिंताजनक हो सकती हैं।
इस अवसर पर उन्होंने “वृक्ष मित्र परिवार” के रूप में एक संगठित राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की। इसके तहत हर व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक पेड़ लगाने और पांच नए लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया। उन्होंने सुझाव दिया कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, बच्चों के जन्म, माता-पिता की स्मृति और अन्य पारिवारिक अवसरों को “वृक्ष पर्व” के रूप में मनाया जाए, ताकि वृक्षारोपण सामाजिक परंपरा का हिस्सा बन सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनका संरक्षण और पालन-पोषण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायतों और शहरी निकायों से वृक्षारोपण के लिए स्थायी स्थान चिन्हित करने तथा उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। उनका मानना है कि पेड़ लगाना नहीं, बल्कि उन्हें बड़ा करना ही वास्तविक सफलता है।
शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाली अमावस्या जैसे पर्वों को बड़े स्तर पर वृक्षारोपण से जोड़ना चाहिए। उन्होंने 12 अगस्त को आने वाली हरियाली अमावस्या पर देशव्यापी वृक्षारोपण अभियान चलाने का आह्वान किया और इसे भविष्य में “पेड़ पर्व” के रूप में स्थापित करने की बात कही।
अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को कृषि और किसानों के भविष्य से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि मिट्टी की गुणवत्ता, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने वैज्ञानिक खेती और सामाजिक भागीदारी को भविष्य की जरूरत बताते हुए किसानों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मिशन लाइफ” का भी उल्लेख किया गया। शिवराज सिंह चौहान ने ऊर्जा बचत, जल संरक्षण, प्लास्टिक के कम उपयोग और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
पर्यावरणविद् अनिल जोशी और डॉ. अनूप हजेला ने भी लोगों से “एक पेड़ लगाओ, एक पेड़ पालो” का संदेश अपनाने की अपील की। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। वृक्ष मित्र आंदोलन इसी जनभागीदारी को एक राष्ट्रीय अभियान का रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।